पहले भी पटाखा बनाने के दौरान हुए हादसे में जेल जा चुका है राजू खान, घटना के बाद पीछे के दरवाजे से भागा
- पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था खेल, शिकायत के बाद भी नहीं जागे, अब करेंगे जांच
वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत पैगंबरपुर (पचकोशी) इलाके में गुरुवार की शाम एक रिहायशी मकान में अवैध रूप से चल रही पटाखा निर्माण इकाई में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भयावह और शक्तिशाली था कि तीन मंजिला पक्का मकान पल भर में भरभराकर जमींदोज हो गया। इस हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त रिहायशी बस्ती में सामान्य हलचल थी। अचानक हुए तेज धमाके से पूरी जमीन हिल गई। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के मकानों की दीवारें दरक गईं और ठीक बगल वाले मकान का बाहरी हिस्सा भी ढह गया। घटना की सूचना पाकर पुलिस प्रशासन, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया।
तीन घायलों को भेजा गया अस्पताल, मलबे में तलाश जारी
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहत दलों की मदद से तीन घायलों को मलबे से निकालकर कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान 16 वर्षीय आदिल (मकान मालिक का बेटा), 39 वर्षीय चांदनी और 10 वर्षीय बच्ची अरबिया के रूप में हुई है। डॉक्टरों की टीम घायलों के उपचार में जुटी हुई है। इसके अलावा मलबे के नीचे एक महिला सहित अन्य सदस्यों के दबे होने की आशंका को देखते हुए भारी कटर मशीनों और स्निफर डॉग्स की मदद से राहत कार्य चलाया जा रहा है।
बचाव दल के अधिकारियों ने बताया कि मलबे के भीतर हाथ से बने पटाखों और बारूद की मौजूदगी के कारण दोबारा आग या धमाके की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ मलबे को हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर
धमाके के चश्मदीदों का कहना है कि धमाके की गूंज कई सौ मीटर दूर तक सुनाई दी। राहगीर पंकज ने बताया, "हम गली से गुजर रहे थे तभी ऐसा तेज धमाका हुआ मानो तेज भूकंप आ गया हो। सड़कें कांपने लगी थीं और चारों तरफ धूल का गुबार छा गया। तभी मकान मालिक का लड़का दौड़ते हुए बाहर आया और चिल्लाने लगा कि घर में ब्लास्ट हो गया है और उसकी मां-दादी मलबे में दब गई हैं।"
वहीं स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा, "इस रिहायशी इलाके में लंबे समय से अवैध तरीके से विस्फोटक और पटाखे बनाने का काम चल रहा था। मोहल्ले के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की, पुलिस ने एकाध बार दबिश भी दी, लेकिन कोई स्थायी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिसका नतीजा आज यह बड़ा हादसा है।"
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास, पिछले दरवाजे से हुआ फरार
मिली जानकारी के अनुसार, जिस मकान में यह धमाका हुआ वह राजू खान नामक व्यक्ति का है। राजू कुछ ही दिनों पहले जेल से छूटकर बाहर आया था। उसका पारिवारिक इतिहास भी ऐसे ही गैर-कानूनी विस्फोटों से जुड़ा रहा है। करीब 40 साल पहले जलालीपुरा इलाके में हुए एक बड़े विस्फोट में राजू के पिता मतिउल्लाह खान की जान चली गई थी और उस मामले में राजू को जेल भेजा गया था। गुरुवार को हुए धमाके के बाद अफरा-तफरी का फायदा उठाकर राजू खान अपनी मां मुन्नी खान के साथ मकान के पिछले रास्ते से फरार हो गया। पुलिस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
मौके पर मिले हाथ से बने पटाखे: डीसीपी
घटनास्थल पर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे डीसीपी वरुणा जोन राजेश पाण्डेय ने बताया कि शाम पांच बजे मकान गिरने की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया निरीक्षण में मलबे के आसपास हाथ से तैयार किए गए पटाखे बिखरे मिले हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि घर के भीतर अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे थे और उसी प्रक्रिया के दौरान किसी चिंगारी या घर्षण से यह भीषण विस्फोट हुआ। डीसीपी ने कहा कि प्राथमिकता मलबे में दबी महिला व अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं और मामले की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।