UP Crime: एकतरफा प्यार में सिरफिरे आशिक ने दोस्तों संग मिलकर की बीए की छात्रा की नृशंस हत्या, गन्ने के खेत में सड़े-गले हालत में मिला शव, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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मेरठ। यूपी के मेरठ जिले से एक बेहद झकझोर देने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एकतरफा प्यार और सनक के चलते एक २० वर्षीय होनहार छात्रा को अपनी जान गंवानी पड़ी। टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए तृतीय वर्ष की छात्रा की उसके ही एक पुराने परिचित और सिरफिरे आशिक ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को घटनास्थल से करीब 25 किलोमीटर दूर एक गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। मृतका के मोबाइल से मिला एक भावुक नोट इस पूरी दर्दनाक दास्तां की गवाही दे रहा है, जिसमें उसने घटना से पहले ही किसी अनहोनी की आशंका जताई थी।

 

परीक्षा देने निकली थी छात्रा, रास्ते से हुई लापता

 

घटनाक्रम के अनुसार, मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा, जिसके पिता पेशे से दर्जी (टेलर) हैं, 15 मई 2026 को अपने स्थानीय डिग्री कॉलेज में राजनीति विज्ञान (पॉलिटिकल साइंस) की परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी। परिवार में माता-पिता के अलावा उसकी एक बहन और एक छोटा भाई हैं। परीक्षा का समय बीत जाने और देर शाम तक जब छात्रा सुरक्षित घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।

 

घबराए परिवार वालों ने आनन-फानन में उसके दोस्तों, सहपाठियों और कॉलेज प्रशासन से संपर्क साधा, लेकिन कहीं से भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने उसी रात टीपीनगर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी स्थिति से अवगत कराया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने छात्रा की तलाश के लिए छानबीन शुरू कर दी थी।

 

25 किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में मिली सड़ी-गली लाश

 

गुमशुदगी दर्ज होने के दो दिन बाद, यानी 17 मई को मेरठ के ही रोहटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उकसिया गांव से पुलिस को एक बेहद दुखद सूचना मिली। गांव के एक स्थानीय युवक ने गन्ने के खेत के भीतर एक अज्ञात युवती का शव देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रोहटा और टीपीनगर थाने की पुलिस बल के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

 

खेत के बीचों-बीच मिली छात्रा की लाश अत्यंत क्षत-विक्षत और सड़ी-गली अवस्था में थी। मृतका का चेहरा इस कदर खराब हो चुका था, मानो हत्या के बाद उसकी पहचान छुपाने या साक्ष्य मिटाने के लिए चेहरे पर तेजाब (एसिड) डाला गया हो या रसायनों का प्रयोग किया गया हो। हालांकि, प्रारंभिक जांच में घटनास्थल के आसपास किसी बड़े संघर्ष या खींचतान के निशान नहीं पाए गए, जिससे पुलिस को पहले ही क्षण में यह अंदेशा हो गया था कि युवती की हत्या किसी अन्य स्थान पर सुनियोजित तरीके से की गई थी और शव को केवल डंप करने के लिए इस सुनसान खेत का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने तुरंत मृतका के परिजनों को शिनाख्त के लिए बुलाया, जिन्होंने कपड़ों और अन्य कड़ियों के आधार पर अपनी बेटी की पहचान की।

 

परिजनों का फूटा गुस्सा, पुलिस पर लापरवाही और गैंगरेप का आरोप

 

बेटी का क्षत-विक्षत शव देखकर परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उनका गुस्सा फूट पड़ा। रोती-बिलखती मां और बदहवास पिता ने शव को देखकर रोहटा थाने के बाहर ही हंगामा शुरू कर दिया। छात्रा के पिता ने स्थानीय टीपीनगर पुलिस पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि पुलिस ने 15 मई की रात गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के तुरंत बाद तत्परता दिखाई होती और मोबाइल लोकेशन ट्रैक की होती, तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा होती।

 

पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी तहरीर में आशंका जताई कि उनकी बेटी की हत्या से पहले उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। परिजनों की भारी नाराजगी और बिगड़ते माहौल को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दखल दिया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी का लिखित भरोसा देकर परिवार को शांत कराया। इसके बाद पिता की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी अंकुश और उसके दो सहयोगियों निशांत व अंकित के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और अन्य संबंधित धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया।

 

'प्लीज सेव मी गॉड...': मृतका के मोबाइल से मिला रोंगटे खड़े करने वाला नोट

 

जांच के दौरान जब फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने छात्रा के व्यक्तिगत सामान और उसके मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की, तो उनके हाथ एक ऐसा दस्तावेज लगा जिसे पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो गईं। मृतका के मोबाइल के नोट्स सेक्शन में 11 मई 2026 (घटना से चार दिन पहले) की तारीख में लिखा हुआ एक बेहद भावुक और दर्दनाक संदेश मिला।

 

छात्रा ने अपने नोट की शुरुआत "प्लीज सेव मी गॉडयानी भगवान मेरी रक्षा करना" से की थी। उसने आगे लिखा था, "आज 11/05/26 में पेपर देने तो जा रही हूं, लेकिन मुझे बहुत ही अजीब फील हो रहा है। पता नहीं क्यों, लेकिन मेरे अंदर से ऐसा महसूस हो रहा है। भगवान, मैं तुमसे हाथ जोड़कर विनती करती हूं, कुछ गलत मत होने देना। प्लीज, प्लीज, प्लीज गॉड, मेरा घर बिखर जाएगा। भगवान, आपसे प्लीज सब कुछ ठीक रखना। मेरे बिना तो रह भी नहीं पाएंगे ये सब मम्मी, पापा, भाई-बहन। मेरे बिना उनका मन नहीं लगता, पता नहीं क्यों, इसको लिखते समय भी मेरे आंसू बह रहे हैं।"

 

इस नोट से साफ जाहिर होता है कि आरोपी अंकुश पिछले कई दिनों से छात्रा को गंभीर रूप से प्रताड़ित कर रहा था या उसे जान से मारने की धमकियां दे रहा था, जिसके डर और मानसिक तनाव के कारण वह अंदर ही अंदर घुट रही थी।

 

दो साल से पीछे पड़ा था सिरफिरा, प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने छोड़ा था गांव

 

मृतका के पिता ने पुलिस पूछताछ और मीडिया के सामने रोते हुए आरोपी की पुरानी करतूतों का पर्दाफाश किया। पिता के मुताबिक, आरोपी अंकुश पिछले दो वर्षों से उनकी बेटी को लगातार परेशान कर रहा था और उसका पीछा करता था। करीब दो साल पहले अंकुश ने कॉलेज आते-जाते समय छात्रा का अपहरण (किडनैप) करने का भी दुस्साहस किया था। उस वक्त बेटी ने हिम्मत दिखाकर पूरी बात घर पर बताई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बुजुर्गों और ग्रामीणों के बीच एक सामाजिक पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में समाज के दबाव के आगे अंकुश ने हाथ जोड़कर अपनी गलती मानी थी और दोबारा ऐसी हरकत न करने की कसम खाई थी।

 

हालांकि, कुछ समय शांत रहने के बाद अंकुश ने फिर से वही घिनौनी हरकतें शुरू कर दीं। उसकी लगातार बढ़ती प्रताड़ना, धमकियों और ओछी हरकतों से तंग आकर ही परिवार ने करीब छह महीने पहले अपना पैतृक गांव छोड़ दिया था। वे मेरठ के रोहटा रोड पर एक किराए का कमरा लेकर रहने लगे थे ताकि उनकी बेटी शांति से अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। लेकिन सनकी आशिक ने वहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा और अंततः उसकी जान ले ली।

 

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज: बाइक पर ले गया था आरोपी

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। सर्विलांस और खोजी टीमों ने जब 15 मई के रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए, तो पुलिस को बेहद पुख्ता सबूत मिले।

 

रोहटा अड्डे और भूनी टोल प्लाजा के पास लगे कैमरों की फुटेज में सुबह करीब 10:28 बजे छात्रा आरोपी अंकुश की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी हुई साफ तौर पर दिखाई दी। वीडियो में देखा गया कि अंकुश पहले छात्रा के पास आकर बाइक रोकता है, दोनों के बीच संक्षिप्त बातचीत होती है और फिर छात्रा उसकी बाइक पर बैठकर चली जाती है। इसी वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात घेराबंदी कर अंकुश को उसके ठिकाने से दबोच लिया।

 

पूछताछ में कबूला जुर्म: "दूसरे लड़के से बात करते देख आ गया था गुस्सा"

 

पुलिस की कड़ी पूछताछ के आगे आरोपी अंकुश ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। अंकुश ने बताया कि वह पिछले तीन साल से छात्रा को जानता था और उसे अपनी मिल्कियत समझता था। कुछ दिन पहले उसने छात्रा को किसी अन्य युवक से बातचीत करते हुए देख लिया था, जिससे उसके मन में ईर्ष्या और प्रतिशोध की भावना पैदा हो गई। इसी बात को लेकर 15 मई को बाइक पर ले जाते समय दोनों के बीच तीखी बहस और झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर अंकुश ने अपने दो दोस्तोंनिशांत और अंकितको भी बुला लिया और तीनों ने मिलकर छात्रा का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

 

घटना के बाद गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

 

इस वीभत्स हत्याकांड के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। सोमवार सुबह करीब 8 बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रोहटा थाना क्षेत्र के गांव में मृतका के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, घटना को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसे देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है। आने-जाने वाले हर वाहन और संदिग्ध राहगीर से पूछताछ की जा रही है। मौके पर एसपी देहात अभिजीत कुमार और कई थानों की फोर्स कैंप कर रही है।

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