लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी की एक कोशिश को नाकाम कर दिया। ओमान की राजधानी मस्कट से आए एक यात्री के सामान की जांच के दौरान अधिकारियों ने करोड़ों रुपये की कीमत का प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद किया। इस मामले में आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है और अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नशा तस्करी के नेटवर्क की आशंका को भी बढ़ा दिया है, जिसकी जांच अब गहराई से की जा रही है।
सीमा शुल्क विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ओमान एयर की उड़ान संख्या डब्ल्यूवाई-265 से मस्कट से लखनऊ पहुंचे एक यात्री पर पहले से ही खुफिया एजेंसियों की नजर थी। विमान से उतरने के बाद जब यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकल रहा था, तभी अधिकारियों ने उसे रोककर उसके सामान की जांच की। खुफिया सूचना के आधार पर उसके बैग को विशेष रूप से स्कैन किया गया और फिर हाथों से तलाशी ली गई। इसी जांच के दौरान उसके बैग में छिपाकर रखा गया संदिग्ध पदार्थ सामने आया।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को यात्री के काले-भूरे रंग के बैकपैक के अंदर कई पैकेट मिले। बैग खोलने पर उसमें कुल 17 वैक्यूम सीलबंद पॉलीबैग बरामद हुए। इन पैकेटों को इस तरह पैक किया गया था कि सामान्य जांच में आसानी से पकड़ में न आएं। प्रत्येक पैकेट को कैमलिन कार्बन पेपर में लपेटकर सावधानी से छिपाया गया था, जिससे स्कैनिंग के दौरान पदार्थ की पहचान करना मुश्किल हो सके। जब अधिकारियों ने इन पैकेटों को खोलकर देखा तो उनके भीतर हरे रंग का संदिग्ध पदार्थ मिला।
प्रारंभिक जांच और विशेषज्ञों की राय के आधार पर अधिकारियों ने आशंका जताई कि यह पदार्थ ‘हाइड्रोपोनिक वीड’ है, जिसे आम बोलचाल में हाई-ग्रेड गांजा कहा जाता है। यह सामान्य गांजे की तुलना में अधिक महंगा और शक्तिशाली नशीला पदार्थ माना जाता है, जिसे नियंत्रित वातावरण में विशेष तकनीक से उगाया जाता है। बरामद सभी पैकेटों का वजन मिलाकर कुल 8.552 किलोग्राम पाया गया।
सीमा शुल्क विभाग के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हाइड्रोपोनिक वीड की कीमत करीब 8 करोड़ 55 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में महंगे नशीले पदार्थ की बरामदगी को अधिकारियों ने बेहद गंभीर मामला बताया है। बरामद पदार्थ को तुरंत जब्त कर लिया गया और इसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 43 के तहत कानूनी प्रक्रिया में शामिल किया गया।
जांच के दौरान आरोपी यात्री से पूछताछ भी की गई, लेकिन प्रारंभिक चरण में उसने इस मामले में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इसके बाद अधिकारियों ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीमा शुल्क अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह नशीला पदार्थ भारत में किसे पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।