लखनऊ। उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपये के अवैध कोडीन कफ सिरप तस्करी नेटवर्क के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड और 1 लाख रुपए के इनामी शुभम जायसवाल समेत तीन मुख्य आरोपियों को अदालत द्वारा 'भगोड़ा' घोषित कर दिया गया है।
इस मामले में एसटीएफ के इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में एक नई एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है।
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल, वरुण सिंह और गौरव जायसवाल इस समय भारत छोड़कर दुबई में छिपे हुए हैं।
· अदालत ने इनके खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) और लुकआउट नोटिस जारी कर रखा था।
· 4 फरवरी 2026 को कोर्ट द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद ये आरोपी भारत वापस नहीं लौटे।
· बार-बार अदालत में पेश न होने के बाद अब पुलिस इनके खिलाफ कुर्की (संपत्ति जब्त करने) की कानूनी कार्रवाई शुरू करने जा रही है।
कई राज्यों में फैला था ड्रग्स का काला कारोबार
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस सिंडिकेट ने देश के कई राज्यों में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई का एक बेहद मजबूत और बड़ा नेटवर्क बना रखा था। जब यूपी पुलिस और एसटीएफ ने इस नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू किया, तो कार्रवाई की भनक लगते ही ये तीनों मुख्य आरोपी देश से फरार हो गए।
केस बैकग्राउंड: इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ 8 अप्रैल 2024 को दर्ज हुए एक मुकदमे के बाद हुआ था, जिसकी गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी थी।
पिता और बर्खास्त सिपाही समेत 18 पहले ही जेल में
इस गिरोह पर एसटीएफ का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मामले में अब तक कुल 18 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें शामिल हैं:
· मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल।
· यूपी पुलिस का एक बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और उसका बेहद करीबी मददगार अमित टाटा।
अब मुख्य मास्टरमाइंड्स को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद एसटीएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इनकी घेराबंदी मजबूत कर रही है ताकि इन्हें जल्द से जल्द दुबई से भारत डिपोर्ट (प्रत्यर्पित) कराया जा सके।