गंगा की लहरों पर गरजा वायुसेना का पराक्रम: राफेल और सुखोई के हैरतअंगेज करतबों से थमीं सांसें
- 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो में राफेल और सुखोई ने काशी के आकाश में रचा इतिहास
वाराणसी। भारतीय वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर गुरुवार को काशी का आकाश अभूतपूर्व सैन्य शौर्य और सांस्कृतिक भव्यता का साक्षी बना। 'विंग्स ओवर गंगा' (Wings over Ganges) थीम पर आयोजित इस बहुप्रतीक्षित एयर शो का मुख्य केंद्र नमो घाट रहा, जहां राजघाट सहित आसपास के तमाम गंगा तटों पर सुबह से ही जनसैलाब उमड़ पड़ा। घाटों से लेकर शहर की छतों तक, हर आंख आसमान में गर्जना करते लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतबों पर टिकी रही।
अमिताभ बच्चन के स्वर और कथक से हुई सांस्कृतिक शुरुआत
एयर शो के पहले दिन का आगाज बेहद भावपूर्ण रहा। नमो घाट पर महानायक अमिताभ बच्चन की ओजस्वी आवाज की गूंज के बीच कथक नृत्यांगनाओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत मनमोहक प्रस्तुति दी। सूर्य की किरणों के बीच गंगा की धारा पर थिरकते कलाकारों और देशभक्ति गीतों ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। दोपहर 12:30 बजे जलयान पर हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग ऑपरेशन करते हुए जब गरुड़ व थल सेना के कमांडो रस्सी के सहारे उतरे, तो दर्शकों ने दांतों तले अंगुली दबा ली।

पौराणिक थीम पर आधारित 25 फॉर्मेशन और 100 विमान
यह पहला अवसर है जब वायुसेना ने पौराणिक और काशी के सांस्कृतिक प्रतीकों पर आधारित 25 विशिष्ट फॉर्मेशन तैयार किए। देशभर के 12 वायुसैनिक अड्डों (चेन्नई के अरक्कोणम नौसैनिक अड्डे सहित) से संचालित इस शो में कुल 100 विमान शामिल हुए—जिनमें 52 लड़ाकू, 32 हेलीकॉप्टर, 15 परिवहन विमान और एक विंटेज हार्वर्ड विमान मौजूद रहे।
प्रमुख फॉर्मेशन का अद्भुत प्रदर्शन:
- काशी व वरुणा: तीन किरण विमानों ने विक फॉर्मेशन में तिरंगे रंगों की फुहार छोड़ी, जबकि वायु व थल सेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टरों ने 'वरुणा' बनाकर सटीक स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया।
- केदार व रुद्र: राफेल विमान ने 'केदार' फॉर्मेशन में 200 किमी/घंटा की न्यूनतम गति से लेकर 180 डिग्री वर्टिकल क्लाइंब और उल्टी उड़ान के साथ हैरतअंगेज कलाबाजियां दिखाईं। वहीं सुखोई-30 एमकेआई ने 'रुद्र' के रूप में मंच के ऊपर से तीव्र गति की गर्जना की।
- सारंग व सूर्यकिरण: सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने अपनी सधी हुई उड़ान से आकाश को तिरंगे से पाट दिया। वहीं 'दशाश्व' फॉर्मेशन में सी-17 ग्लोबमास्टर की अगुवाई में नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों ने शानदार एरोबैटिक्स पेश की।
- संयुक्त शक्ति (त्रिदेव व नटराज): नौसेना के कामोव-31, पी-8आई पोसाइडन के साथ वायुसेना और थल सेना के एएलएच और मिराज विमानों ने संयुक्त सैन्य तालमेल का परिचय दिया।
- प्रचंड व अस्सी: सुखोई, राफेल, जगुआर, मिराज, तेजस और मिग-29 ने एरोहेड आकार में 'प्रचंड' फॉर्मेशन बनाकर ऑपरेशन सिंदूर जैसी सामरिक तत्परता प्रदर्शित की। स्वदेशी 'तेजस' ने 'अस्सी' कॉलसाइन से कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर आत्मनिर्भर भारत का दम दिखाया।
मालवीय पुल रहा बंद, वैकल्पिक मार्गों पर पड़ा दबाव सुरक्षा और आयोजन की व्यवस्था के चलते मालवीय (राजघाट) पुल पर सुबह 9 बजे से ही वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। इसके कारण शहर के वैकल्पिक मार्गों पर भारी ट्रैफिक दबाव देखा गया। प्रशासन के अनुसार, आगामी दो दिनों के एयर शो के दौरान भी यही यातायात व्यवस्था लागू रहेगी, इसलिए नागरिकों को निर्धारित डायवर्जन का पालन करने की सलाह दी गई है। दोपहर दो बजे आयोजन संपन्न होने के बाद घाटों से दर्शकों की रवानगी शुरू हुई।