लखनऊ। उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू (हीटवेव) की चपेट में है। राज्य में सूर्य का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है और अधिकतम तापमान 48°C के बिल्कुल नजदीक पहुंच गया है। सोमवार को बुंदेलखंड का बांदा जिला लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां पारा 47.6°C तक जा पहुंचा। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले चालू ग्रीष्मकाल की 27 अप्रैल को भी बांदा में ठीक इतना ही (47.6°C) तापमान दर्ज किया गया था।
मंगलवार की सुबह से ही पूरे उत्तर प्रदेश में तीखी धूप के साथ मौसम बेहद कड़ा बना हुआ है। सुबह 9 बजे से ही झुलसाने वाली गर्म हवाएं चलने लगीं। दोपहर 1 बजे तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसमें झांसी में 44.4°C, प्रयागराज में 42°C और मेरठ में 41.34°C पारा दर्ज किया गया। इसके अलावा, जौनपुर में भीषण तपिश के बीच अधिकतम तापमान 44.2°C दर्ज हुआ, जबकि काशी (वाराणसी) में पारा 45°C पर पहुंच गया, जहां 42 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू ने शहर को भट्टी की तरह तपा दिया। सोमवार को वाराणसी और बुलंदशहर संयुक्त रूप से राज्य के पांचवें और देश के 22वें सबसे गर्म स्थान रहे।
कई जिलों में 12वीं तक के स्कूल बंद
आसमान से बरसती इस आग को देखते हुए जिला प्रशासनों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। काशी में सभी स्कूलों को 25 मई तक के लिए बंद रखने का आदेश दिया गया है। आगरा में हीटवेव के गंभीर खतरे को देखते हुए 12वीं तक के सभी विद्यालयों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही चित्रकूट और बांदा जिलों में भी कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। जौनपुर प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर नागरिकों से केवल अति आवश्यक होने पर ही दोपहर में घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
चिड़ियाघर में बेजुबानों के लिए खास इंतजाम
इस जानलेवा गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों पर भी देखा जा रहा है। कानपुर चिड़ियाघर (जू) में ठंडे खून वाले रेंगने वाले जीवों (रेप्टाइल्स) को गर्मी से बचाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। चिड़ियाघर प्रशासन द्वारा कोबरा सांप और बिचखोपड़े के बाड़ों में बर्फ से भरी बोतलें रखी जा रही हैं। कोबरा सांप दिनभर इन ठंडी बोतलों से लिपटकर राहत पा रहा है, वहीं इगुआना जैसे जीव भी इस तपन से बचने के लिए बर्फ की बोतलों पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। बाड़ों में ठंडे पानी का भी छिड़काव किया जा रहा है।
मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 5 दिन नहीं मिलेगी राहत
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। आगामी 23 मई तक लू का यह भीषण दौर जारी रहने की आशंका है, जिससे तापमान में 3 से 4°C तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर सहित कुल 39 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है:
- ऑरेंज अलर्ट वाले प्रमुख क्षेत्र: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और उनके आसपास के इलाके।
- यलो अलर्ट वाले क्षेत्र: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, अमेठी, सुल्तानपुर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी और ललितपुर।
- वार्म नाइट (गर्म रात) का अलर्ट: शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर में रातें भी बेहद गर्म रहेंगी।
राहत की उम्मीद: कब आएगा मानसून?
इस भीषण तपन के बीच राहत की एक संभावित खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। यदि मानसून की रफ्तार सामान्य रही, तो इसके 18 जून को गोरखपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है। हालांकि, यह केवल एक संभावित तिथि है और तब तक उत्तर प्रदेश वासियों को इस भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।