अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। विशेष जांच दल (SIT) और अयोध्या पुलिस की टीमों ने मंदिर परिसर में पहुँचकर जांच तेज कर दी है। पुलिस ने उस कक्ष का भी बारीकी से निरीक्षण किया जहाँ दान की रकम गिनी जाती थी।
इस पूरे मामले से जुड़े मुख्य अपडेट्स निम्नलिखित हैं:
1. आरोपी रिमांड पर, वकीलों का भारी विरोध
· अविनाश शुक्ला 24 घंटे की कस्टडी में: पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की रिमांड पर लिया है। अविनाश के पास से पहले ही ₹20 लाख नकद, एक हजार से अधिक अमेरिकी डॉलर और कीमती आभूषण बरामद हो चुके हैं। पुलिस उससे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।
· चंपत राय पर FIR की मांग: अयोध्या में लगभग 500 से अधिक वकीलों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत चार लोगों के खिलाफ सिविल लाइन चौकी में शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की है।
2. अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर
अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मामले के दो अन्य आरोपियों लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के घरों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। नियमों का उल्लंघन करके बिना नक्शा पास कराए बनाए गए इन मकानों को ढहाने के लिए लवकुश की पत्नी को नोटिस जारी कर दिया गया है।
3. ट्रस्ट के भीतर अंदरूनी कलह और आरोप-प्रत्यारोप
"पूरी गलती गोपाल राव की है। वे यहाँ राजनीति कर रहे हैं और सबको उलझा रहे हैं। वे राम की परंपरा को नहीं मानते।" — महंत दिनेंद्र दास महाराज, ट्रस्टी
चोरी की घटना सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर भी दरारें दिखने लगी हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव को इस पूरे घटनाक्रम का जिम्मेदार ठहराया है।
4. बड़े चेहरों से पूछताछ और इस्तीफे
· डॉ. अनिल मिश्रा से आज पूछताछ संभव: महासचिव चंपत राय से 3 घंटे की पूछताछ के बाद, अब पुलिस ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से सवाल-जवाब करने की तैयारी में है ताकि बयानों का मिलान किया जा सके।
· इस्तीफे और गिरफ्तारियां: इस मामले में अब तक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। भारी दबाव के बीच 25 जून को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
5. "दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए"
दिल्ली से भाजपा सांसद नरेश बंसल ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। इसलिए SIT को इसकी गहराई से जांच करनी चाहिए ताकि पूरी सच्चाई सबके सामने आ सके।