मुंबई। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की वित्तीय मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए मुंबई के पॉश इलाके पाली हिल में स्थित उनके 17 मंजिला आवास 'Abode' को अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस भव्य इमारत की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3716.83 करोड़ रुपये है। इस ताजा कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी और उनके समूह के खिलाफ अब तक कुल अटैचमेंट की राशि 15,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) द्वारा लिए गए भारी-भरकम कर्ज और उसके कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, RCom और उसकी सहयोगी कंपनियों ने साल 2010 से 2012 के बीच विभिन्न भारतीय और विदेशी बैंकों से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लिया था। बाद में बैंकों ने इनमें से पांच प्रमुख खातों को 'धोखाधड़ी' (Fraud) घोषित कर दिया था। सीबीआई (CBI) की एफआईआर के आधार पर ईडी इस मामले में भ्रष्टाचार, साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के कोणों की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश और SIT का गठन
इस मामले में हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के रुख ने जांच की दिशा बदल दी है। अदालत ने जांच एजेंसियों की 'सुस्त रफ्तार' पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इस घोटाले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि क्या इस बड़ी धोखाधड़ी में बैंकों के उच्चाधिकारियों की भी कोई मिलीभगत थी। अदालत अब समय-समय पर जांच की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगी।
देश छोड़कर नहीं जाएंगे अंबानी
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को यह भरोसा दिलाया कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग करेंगे और देश छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। इस आश्वासन के बाद जांच की प्रक्रिया और तेज कर दी गई है। 66 वर्षीय अनिल अंबानी को जल्द ही पूछताछ के लिए दोबारा तलब किया जा सकता है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी उनसे लंबी पूछताछ की गई थी।