नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर एक नया इतिहास रच दिया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए इस बजट की मुख्य थीम 'युवाशक्ति' और राष्ट्र निर्माण के तीन प्रमुख कर्तव्य रहे।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था न केवल स्थिर है, बल्कि 7% की विकास दर के साथ तेजी से 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर महा-निवेश, बंगाल को मिला फ्रेट कॉरिडोर
सरकार ने बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इस बार खजाना खोल दिया है। अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है।
रेलवे और लॉजिस्टिक्स को रफ्तार देने के लिए पश्चिम बंगाल के डानकुनी तक एक नए 'माल ढुलाई कॉरिडोर' (Freight Corridor) के निर्माण की घोषणा की गई है। इसके अलावा, खनिज संपदा का लाभ उठाने के लिए केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ते हुए एक विशेष 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' (Rare Earth Corridor) विकसित किया जाएगा।
टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग: चिप और दवा निर्माण में बड़ी छलांग
भारत को तकनीकी सुपरपावर बनाने की दिशा में बजट में बड़े ऐलान किए गए हैं। सरकार ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' (ISM 2.0) लॉन्च करने की घोषणा की है, जिससे देश में चिप निर्माण को नई गति मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कलपुर्जों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से 'बायो-फार्मा शक्ति' योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए अत्याधुनिक संस्थान खोले जाएंगे। कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नए टेक्सटाइल पार्क भी स्थापित किए जाएंगे।
विकास के 6 स्तंभ और भविष्य का रोडमैप
वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए छह प्रमुख फोकस क्षेत्रों का खाका खींचा। इनमें रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग, पुराने उद्योगों का पुनरुद्धार, एमएसएमई (MSMEs) को ग्लोबल चैंपियन बनाना, शहरी विकास और आर्थिक सुरक्षा शामिल हैं। सरकार का विजन उत्पादकता बढ़ाकर विकास की रफ्तार तेज करना और नागरिकों की क्षमता (Capability) को निखारना है, ताकि हर परिवार के पास आय के पर्याप्त साधन हों।
अर्थव्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड: 12 साल में पाई स्थिरता
बजट भाषण के दौरान सरकार के पिछले कार्यों का ब्योरा देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था ने अभूतपूर्व स्थिरता हासिल की है। महंगाई नियंत्रण में है और भारत ने ऊर्जा व विनिर्माण के क्षेत्र में खुद को आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता कम हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही दुनिया ट्रेड और सप्लाई चेन की दिक्कतों से जूझ रही हो, लेकिन भारत अपनी मजबूत नीतियों के दम पर आगे बढ़ता रहेगा।