उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन, बुधवार (24 दिसंबर 2025) को सदन का माहौल खासा गरम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के सवालों और आरोपों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार की नीतियों, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई, दंगों पर सख्ती, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक पूजा पाल के मामले का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो, अगर वह सरकारी जमीन, ऐतिहासिक स्मारक या पौराणिक स्थल पर कब्जा करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने कहा कि अवैध कब्जे के सहारे अपराध और गैरकानूनी गतिविधियां चलाने वाले माफियाओं पर बुलडोजर चलना तय है। छांगुर जैसे अपराधी इस सरकार में बच नहीं पाएंगे। सरकार कानून के दायरे में रहते हुए ऐसी प्रवृत्तियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में दंगों की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पहले दंगे क्यों होते थे और दंगाइयों से कैसे निपटा जाता है, यह लोग अच्छी तरह जानते हैं। अब न कर्फ्यू लगता है और न ही दंगे होते हैं। उन्होंने कहा कि बरेली के मौलानाओं से पूछिए कि दंगा क्या होता है। आज का उत्तर प्रदेश शांत, सुरक्षित और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, यही “नया यूपी” है।
बांग्लादेश और गाजा के मुद्दे पर विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग गाजा के समर्थन में कैंडल मार्च निकालते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान या बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या होती है, तब चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ इसलिए आवाज नहीं उठाई जाती क्योंकि मरने वाला हिंदू होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में विपक्ष को निंदा प्रस्ताव लाना चाहिए था।
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में जब बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, तब कोई उनके समर्थन में खड़ा न हो। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के संरक्षण में कई अवैध घुसपैठियों के आधार कार्ड बनवाए गए और अब सरकार इस पर प्रभावी कदम उठाएगी।
समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक पूजा पाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विपक्ष की ही सदस्य थीं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया और गुंडों के दबाव में गरीब बेटी को इंसाफ नहीं दिलाया गया। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है। बेटी किसी भी दल या वर्ग की हो, उसे न्याय मिलना चाहिए और सरकार इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी।